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लड़कियों के 7 दुख तोड़ देते हैं व्यक्ति को अंदर तक, ladkiyon ke 7 dhukh tod dete hai andr se

लड़कियों के 7 दुख तोड़ देते हैं वह व्यक्ति को अंदर तक

ladkiyon ke 7 dhukh tod dete hai andr se आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए है। चाय की नीतियों को अपना पाना मुश्किल है, हालांकि कहते है इन नीतियों को जिसने भी अपनाना उसे तरक्की से कोई नहीं रोक सका है। धन, तरक्की, दुख-सुख और वैवाहिक जीवन से जुड़ी तमाम बातों का जिक्र किया गया है। चाणक्य के अनुसार हर व्यक्ति के जीवन में दुख-सुख आता रहता है, लेकिन जीवन में ऐसे कई मोड़ आते हैं, जो इंसान को अंदर से जलाकर राख कर देते हैं। जानिए ऐसी कुछ बातों के बारे में

1. जीवनसाथी के साथ बिछड़न

चाणक्य कहते हैं कि कोई भी व्यक्ति अपने साथी को छोड़ना नहीं चाहता है। ऐसे में साथी के साम वियोग सहना मुश्किल होता है। पार्ट की जुदाई इंसान को हर अंदर से परेशान करती रहती है। ऐसे में साथ के दूर होने या साथ छोड़ने पर व्यक्ति को भीतर तक आघात पहुंचता है।

गरीबी के रास्ते पर ले जाती है व्यक्ति की आदतें मुश्किलों से भर जाता है जीवन

2. कर्ज का बोझ

कहते हैं कि व्यक्ति के कारण अंदर ही अंदर हुआ महसूस करता है। चाय का मानना है कि व्यक्ति कर्ज लेने के बाद अपराध बोध में जीने लगते है कि कर्ज के बोझ के कारण व्यक्ति अंदर ही अंदर टूटा है।

3. अपनों से अपमान- :

नीति में कहते हैं कि व्यक्ति अपनों से अपमान सहन नहीं कर पाता है। इससे व्यक्ति को मानसिक चोट पहुंचती है। कहते हैं कि आपके द्वारा अपमानित होने पर व्यक्ति अंदर से बिखर जाता है और फिर दोबारा सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है।

के अनुसार की कमी हर व्यक्ति को दूध देती है। गरीबीका कारण है। परेशानियों के कारण दर से टूट जाता है। यह अपनी जरों को पूरा नहीं कर पाता है। 

4. मूर्ख शिष्‍य 

मूर्ख शिष्‍य को उपदेश मूर्ख शिष्‍य को उपदेश आचार्य चाणक्‍य का मानना है कि मूर्ख शिष्‍य को उपदेश देने से कोई लाभ नहीं होता है करता वो वही है जो उसका मन करता है । यहां मूर्ख शिष्य से तात्‍पर्य उनका ऐसे लोगों से अपने आगे किसी की नहीं सुनते हैं ।

जो लोग किसी की बात नहीं सुनते हैं उन्‍हें किसी प्रकार का ज्ञान देना अपना समय व्‍यर्थ करने के समान हैं और जो लोग ऐसे मूर्खों के पीछे अपना समय नष्‍ट करते हैं वे सदैव कष्‍टों से घिरे रहते हैं ।

5. महिलाएं

ऐसी महिलाएं आचार्य चाणक्य ने ऐसी महिलाओं को भी गलत माना है जो सिर्फ अपनी चलाती हैं और घर में किसी बात नहीं सुनती । उनका कहना है जो महिलाएं अपने परिवार को साथ लेकर नहीं चलती । पति, संतान और माता- पिता के बारे में जरा भी नहीं सोचतीं ऐसी महिलाओं से दूरी बनाकर रखने में ही समझदारी है । ऐसी महिलाएं अपने साथ- साथ उन लोगों का भी नुकसान करवा देती हैं, जो उनसे जुड़े होते हैं ।

6. धन नष्‍ट होने के बारे में सोचना

धन नष्‍ट होने के बारे में सोचना धन नष्‍ट होने के बारे में सोचना ऐसे लोग जो हमेशा सिर्फ पैसों के बारे में सोचते हैं यानी कि उन्‍हें सिर्फ धन के नष्‍ट होने का डर सताता रहता है और इस वजह से जरूरी कार्यों में भी खर्च करने से दूर भागते हैं । ऐसे लोग सदैव कष्‍टों से घिरे रहते हैं, क्‍योंकि वे अपना धन अच्‍छे कार्यों में नहीं लगा पाते । ऐसे लोगों का धन उनके जाने के बाद और लोग प्रयोग करते हैं । इसलिए फालतू खर्च न करें, लेकिन जहां जरूरी हो वहां अवश्‍य खर्च करें ।

7. दुखी 

आचार्य चाणक्‍य ने बताया कि हमें ऐसे लोगों से भी दूरी बनाकर रखनी चाहिए जो सदैव परेशानियां गिनाते रहते हैं और सदैव नकारात्‍मक बातें करते हैं। ऐसे लोगों के साथ रहने से कहीं न कहीं नकारात्‍मकता आपके ऊपर भी हावी होने लगती है और आप कुछ भी अच्‍छा सोच ही नहीं पाते हैं। इसलिए ऐसे लोग जो हमेशा दुखों के बारे में बात करते रहते हैं उनसे दूर रहने में ही समझदारी है।

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